रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की प्रांतीय बैठक सोमवार को रुद्रप्रयाग में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे पटवारी, कानूनगो और संगठन के पदाधिकारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस), ₹4200 ग्रेड पे सहित विभिन्न लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की। संगठन ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
प्रांतीय अध्यक्ष विजयपाल मेहता ने बताया कि संगठन की यह नियमित अर्द्धवार्षिक बैठक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) को लेकर संगठन पहले भी सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह से प्रस्तावित डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत होने वाली हरी पड़ताल का कार्य प्रदेश के पटवारी एवं कानूनगो नहीं करेंगे। उनका कहना था कि सरकार इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर इस कार्य के लिए अलग तंत्र विकसित करे।
विजयपाल मेहता ने कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण फील्ड इकाई हैं। आपदा प्रबंधन, राजस्व संबंधी कार्यों, निर्माण कार्यों की निगरानी तथा अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन राजस्व उपनिरीक्षक ही करते हैं। इसके बावजूद उनका ₹4200 ग्रेड पे का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलाधिकारियों द्वारा भी इस संबंध में शासन को संस्तुतियां भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि संगठन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री भारत सिंह चौधरी तथा पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से भी हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि भगत सिंह कोश्यारी से हुई व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेशभर के पटवारी और कानूनगो की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसमें वे स्वयं भी शामिल होकर मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे।
जिला अध्यक्ष मनोज अश्वाल ने कहा कि रुद्रप्रयाग में आयोजित इस प्रांतीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संगठन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए हैं। बैठक का उद्देश्य संगठन की लंबित मांगों पर व्यापक चर्चा करना तथा सभी जिलों के प्रतिनिधियों के सुझाव लेकर प्रस्ताव तैयार करना है, जिन्हें सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने सरकार से वर्षों से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
बैठक में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधियों ने भी डिजिटल क्रॉप सर्वे, ₹4200 ग्रेड पे और अन्य लंबित मांगों पर अपने विचार रखे। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि समय रहते सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो प्रदेशभर के राजस्व उपनिरीक्षक एकजुट होकर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेंगे।

