भूस्खलन, सड़क, पेयजल और प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न मामलों में अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश,
रुद्रप्रयाग। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक फरियादी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन संवाद कार्यक्रम में कुल 21 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों में संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई कर निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान गिंवाड़ी गांव निवासी अनूप भट्ट ने बताया कि लगातार हो रहे भूस्खलन से उनके आवासीय भवन का पुश्ता ढह गया है, जिससे भवन को नुकसान और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाड़व के शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष फते सिंह नेगी ने सड़क से विद्यालय तक पहुंच मार्ग और क्षतिग्रस्त सीढ़ियों के पुनर्निर्माण की मांग रखी। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डालसिंगी-झिरोका-सेमचारी सड़क निर्माण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मोटर मार्ग निर्माण में वन विभाग की आपत्तियों के कारण कार्य प्रभावित होने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों को समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए।
क्यूंजा गांव की गंगा देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनः सर्वेक्षण कराने की मांग की, ताकि पात्र लेकिन वंचित परिवारों को भी योजना का लाभ मिल सके। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के प्रतिनिधि अर्जुन कंडारी ने विकासखंड जखोली के पलोट, उदियाणगांव और आसपास के क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को प्राथमिकता के आधार पर समस्या के समाधान के निर्देश दिए।
डालसिंगी निवासी अजीत सिंह ने मोटर मार्ग निर्माण के दौरान खेतों का कटान होने के बावजूद सड़क निर्माण अधूरा छोड़ने की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन संवाद में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर तय समय सीमा में उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान ही सुशासन का वास्तविक आधार है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री पोर्टल पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि एल-1 स्तर पर 118 तथा एल-2 स्तर पर 24 शिकायतें लंबित हैं। इन सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, प्रभारी शिकायत निवारण केंद्र विनोद कुमार सहित जल संस्थान, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, उद्यान, समाज कल्याण, बाल विकास, सेवायोजन विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।

