पीएमओ और अडानी समूह को भेजा जाएगा ज्ञापन,
केदार घाटी के रोजगार पर मंथन, गुप्तकाशी में जुटेंगे जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ रोपवे परियोजना को लेकर केदार घाटी में स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बीच 19 जुलाई को गुप्तकाशी में महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसकी घोषणा पूर्व केदारनाथ विधानसभा प्रत्याशी त्रिभुवन चौहान ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महापंचायत पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी और इसमें किसी भी राजनीतिक दल का मंच नहीं होगा। कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के अलावा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय व्यवसायी, सामाजिक संगठन तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भाग लेंगे।
त्रिभुवन चौहान ने बताया कि महापंचायत का उद्देश्य रोपवे परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों की राय जानना और उनकी मांगों को एक मंच पर लाना है। विशेष रूप से घोड़ा-खच्चर संचालकों, डंडी-कंडी संचालकों, होटल एवं ढाबा व्यवसायियों, दुकानदारों तथा पर्यटन और तीर्थयात्रा से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। क्षेत्रवासियों के सुझावों और हस्ताक्षरों के आधार पर एक ज्ञापन तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और अडानी समूह को भेजा जाएगा, ताकि केदार घाटी के लोगों की समस्याओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया जा सके।
प्रेस वार्ता में त्रिभुवन चौहान ने अडानी समूह से मांग की कि यदि कंपनी रोपवे परियोजना का निर्माण कर रही है तो अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत केदार घाटी में 150 से 200 बेड का आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भी स्थापित करे। उनका कहना था कि इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने यह भी मांग की कि रोपवे परियोजना के निर्माण और संचालन में केदार घाटी के प्रत्येक गांव के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि टिहरी और श्रीनगर की परियोजनाओं की तर्ज पर यहां भी प्रभावित परिवारों और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
त्रिभुवन चौहान ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि केदार घाटी के लोगों के रोजगार, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है।

