रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देश तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में शनिवार को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा-138 (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया। कुल 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 30 लाख 92 हजार 354 रुपये की समझौता राशि निर्धारित की गई।
विशेष लोक अदालत में पांच पीठों का गठन किया गया। पहली पीठ ने एक मामले में 80 हजार रुपये, दूसरी पीठ ने दो मामलों में 7.80 लाख रुपये, तीसरी पीठ ने तीन मामलों में 7,67,354 रुपये, चौथी पीठ ने चार मामलों में 12.95 लाख रुपये तथा पांचवीं पीठ ने दो मामलों में 1.70 लाख रुपये की समझौता राशि तय करते हुए मामलों का निस्तारण किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीमती नीना अग्रवाल ने कहा कि चेक बाउंस मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण व्यापारिक एवं सामाजिक विश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने बैंकों, वित्तीय संस्थाओं, अधिवक्ताओं और पक्षकारों से भविष्य में भी अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को समय और धन की बचत होती है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, न्यायालय कर्मियों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

