लातेहार परिवहन विभाग का बड़ा फैसला: स्टंटबाजों को चिन्हित कर की जाएगी सख्त कानूनी कार्रवाई

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लातेहार। लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर सस्पेंस और प्रसिद्धि पाने की चाहत का एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहाँ कुछ स्कूली छात्र रील बनाने के चक्कर में सड़कों पर मौत का खेल खेल रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर दो ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें एक स्कूली छात्र अत्यंत जोखिम भरे अंदाज में बाइक स्टंट करता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में छात्र का चेहरा धुंधला होने के कारण फिलहाल उसकी पहचान तो नहीं हो सकी है, लेकिन इस दुस्साहस ने जिला प्रशासन और पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टंटबाजों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है।

सामने आए पहले वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बालूमाथ स्कूल से छुट्टी होने के बाद एक छात्र अपनी बाइक पर सवार होकर निकलता है। वह स्कूल के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर खतरनाक स्टंट करते हुए अपनी बाइक का अगला पहिया हवा में उछाल देता है (व्हीली स्टंट) और लगभग 50 मीटर तक बाइक को सिर्फ एक पहिए पर दौड़ाते हुए ले जाता है। इससे भी ज्यादा खौफनाक मंजर दूसरे वीडियो में देखने को मिला, जहाँ यही छात्र कोलियरी (कोयला खदान) के रास्ते पर स्टंट करता नजर आ रहा है। यहाँ वह 50 मीटर से भी अधिक दूरी तक बाइक के पिछले पहिए के भरोसे आगे बढ़ता है, जबकि सामने से तेज रफ्तार में कोयले से लदे भारी ट्रक और हाइवा वाहन आते दिख रहे हैं। जरा सी चूक इस मासूम की जान ले सकती थी या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। सोशल मीडिया का यह घातक प्रभाव युवाओं और स्कूली बच्चों पर लगातार गहराता जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब तीन वर्ष पहले राजधानी रांची में भी इसी तरह बाइकर्स गैंग द्वारा स्टंट करने के वीडियो वायरल हुए थे। तब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर बाइकर्स को चिन्हित कर भारी-भरकम चालान काटे थे, जिसके बाद इन घटनाओं पर कुछ हद तक लगाम लगी थी। लेकिन अब लातेहार के बालूमाथ में इस प्रवृत्ति का दोबारा उभरना सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लातेहार के जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल ने कड़ी नाराजगी और गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए अभिभावकों की लापरवाही को भी बराबर का जिम्मेदार ठहराया है। डीटीओ ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि नाबालिक बच्चों को किसी भी सूरत में बाइक या स्कूटी न दी जाए। यदि कोई नाबालिग सड़क पर बिना लाइसेंस वाहन चलाते या स्टंट करते पकड़ा गया, तो वाहन मालिक या माता-पिता पर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही युवाओं को वाहन सौंपे जाएं। परिवहन विभाग और पुलिस ने स्टंट करने वाले युवकों को आखिरी चेतावनी दी है कि निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने या सड़कों पर दूसरों की जान खतरे में डालने वालों को चिन्हित कर सीधे जेल भेजा जाएगा।