ग्रामोत्थान परियोजना से मिला संबल, सरकारी सहायता और बैंक ऋण के सहयोग से खड़ा किया सफल बकरी पालन उद्यम,
रुद्रप्रयाग। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी यदि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन मिले तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। इसका प्रेरणादायक उदाहरण जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम चिनग्वाड़ की श्रीमती अनीता देवी हैं, जिन्होंने बकरी पालन को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई पहचान भी बनाई है।
ग्राम चिनग्वाड़ निवासी अनीता देवी हरियाली स्वायत्त सहकारिता, रतूड़ा की सक्रिय सदस्य हैं। ग्रामोत्थान परियोजना, रुद्रप्रयाग के तहत उनका चयन व्यक्तिगत उद्यम के रूप में बकरी पालन के लिए किया गया। इस योजना के अंतर्गत उन्हें 75 हजार रुपये की परियोजना सहायता, 1.50 लाख रुपये का बैंक ऋण तथा 75 हजार रुपये का स्वयं का अंशदान उपलब्ध कराया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने 15 बकरियों का क्रय कर व्यवस्थित रूप से बकरी पालन व्यवसाय की शुरुआत की।
आज अनीता देवी का यह छोटा प्रयास एक सफल उद्यम का रूप ले चुका है। बकरी पालन से होने वाली नियमित आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
अनीता देवी कहती हैं, "बकरी पालन ने मुझे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। आज मैं अपने परिवार की जरूरतें स्वयं पूरी कर रही हूं और चाहती हूं कि ग्रामीण क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाएं इस व्यवसाय को अपनाकर अपने पैरों पर खड़ी हों।"
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र रावत ने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन, कृषि आधारित उद्यम और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनीता देवी जैसी सफल महिलाएं अन्य ग्रामीण परिवारों के लिए प्रेरणा हैं और उनका उदाहरण बताता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि गांवों में रोजगार के नए अवसर विकसित हों और महिलाओं की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

