रुद्रप्रयाग। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही आपदा का दौर शुरू हो गया है। रुद्रप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत खलियान बांगर गांव से कुदरत के कहर की एक बेहद हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है। यहाँ हाल ही में हुई भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान के कारण एक अत्यंत गरीब विधवा महिला का कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी छत टूटकर गिर गई।
तबाही की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि इस बेबस महिला के बच्चे मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद अब इस लाचार माँ और उनके विशेष बच्चों के सिर से आशियाना छिन गया है और उनके सामने खुले आसमान के नीचे रहने की नौबत आ गई है। घर की माली हालत इतनी खराब है कि परिवार के पास पुनर्निर्माण के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे युवा नेता मोहित डिमरी, जाना दर्द
घटना की सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी और युवा नेता मोहित डिमरी तुरंत स्थिति का जायजा लेने प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर जाकर पूरी तरह टूट चुके कच्चे मकान की बदहाली को देखा और पीड़ित महिला व उनके बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान परिवार का दर्द देखकर भावुक हुए मोहित डिमरी ने उन्हें हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
युवा नेता मोहित डिमरी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत इस पूरे प्रकरण को रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में डाला है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस अत्यंत गरीब परिवार के लिए त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा है।
अधिकारियों से वार्ता करते हुए मोहित डिमरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि चूंकि मकान को नुकसान भारी बारिश और आंधी जैसी प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ है, इसलिए प्रशासन 'आपदा राहत कोष' से तत्काल इस महिला को आर्थिक मुआवजा और रहने की वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करे। मोहित डिमरी ने सरकार की नीतियों पर बात करते हुए कहा कि 'प्रधानमंत्री आवास योजना' का वास्तविक लाभ ऐसे ही सबसे पात्र, गरीब और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए। प्रशासन इस परिवार को तुरंत इस योजना के तहत पक्का मकान आवंटित करे।
मीडिया से बातचीत करते हुए युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा:
यह बेहद दर्दनाक स्थिति है। एक तरफ महिला विधवा है, ऊपर से बच्चे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, और अब कुदरत ने उनके सिर की छत भी छीन ली। ऐसे परिवारों की मदद करना सरकार और समाज दोनों का पहला कर्तव्य है। हमने जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया है। यदि प्रशासन ने इस जरूरतमंद परिवार को आपदा मद से तत्काल मुआवजा और पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इस बेबस माँ और उनके बच्चों को सुरक्षित आशियाना दिलाने की हर संभव कोशिश करेंगे।

