Feb 03, 2026

केदारघाटी में फिर बिगड़ा मौसम का मिजाज, मौसम की लगातार बदलती स्थिति के चलते तापमान में भारी गिरावट,

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ऊखीमठ।

केदार घाटी में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में कभी तेज धूप तो कभी घने बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। मौसम की इस लगातार बदलती स्थिति के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड ने लोगों को फिर से सर्दियों का एहसास करा दिया है।

मौसम के बार-बार बदलने से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन की रफ्तार थम सी गई है। खेत-खलिहानों में कार्य कर रहे किसानों को मौसम की अनिश्चितता के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्षा और बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर कच्चे और पैदल मार्ग फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे आवागमन में कठिनाइयां बढ़ गई हैं। ऊंचाई वाले गांवों में ठंड बढ़ने से लोग अलाव जलाने और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

मदमहेश्वर घाटी गैड बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा ने बताया कि घाटी में मौसम के अचानक करवट लेने से तापमान में भारी गिरावट महसूस की जा रही है, जिसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है। वहीं मदमहेश्वर घाटी रासी गांव के ग्रामीण शिव सिंह रावत का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो मनणामाई तीर्थ, पाण्डव सेरा, नन्दीकुंड, मदमहेश्वर और विसुणीताल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक बार फिर बर्फबारी हो सकती है।

तल्लानागपुर क्षेत्र के घिमतोली-ग्वास निवासी दीपक नेगी ने बताया कि मौसम के अनुकूल बारिश और बर्फबारी से प्रकृति में नव ऊर्जा का संचार जरूर हुआ है, लेकिन मौसम के बार-बार बदलने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

लगातार बदलते मौसम के कारण केदार घाटी में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और ग्रामीणों में आगामी दिनों को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।