मानसून के बीच सुरक्षित है केदारनाथ यात्रा: डीएम विशाल मिश्रा, पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत सभी आपदा टीमें मुस्तैद,

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पैदल मार्ग पर दोहरा आवागमन बहाल, घोड़ा-खच्चरों के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू, संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी,

 

रुद्रप्रयाग। मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ तथा न्यू टास्क फोर्स सहित सभी आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड़ ने बताया कि बारिश के कारण पैदल मार्ग के विभिन्न स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कुछ स्थानों पर मार्ग अस्थायी रूप से प्रभावित हो रहा है। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आपदा प्रबंधन टीमों की सक्रियता के चलते मार्ग को समय-समय पर सुचारू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौरीकुंड, चिरबासा, भीमबली, लिनचोली, बड़ी लिनचोली सहित सभी संवेदनशील स्थलों पर आपदा प्रबंधन टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। ये टीमें लगातार निगरानी रखने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य भी कर रही हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में केदारनाथ पैदल मार्ग को पैदल यात्रियों के दोहरे आवागमन के लिए खोल दिया गया है, जबकि घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौसम के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें तथा केवल सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशानुसार ही आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और प्रशासन के सहयोग से ही केदारनाथ यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकती है।