Apr 05, 2026

भीषण गोलीबारी भी नहीं रोक पाई अमेरिका को, ईरान से पायलट बचाया

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान में बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए अपने लापता पायलट को खोज निकाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने एक लंबी पोस्ट में बताया है कि अमेरिका ने अपने इतिहास का एक सबसे मुश्किल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया है। बता दें कि हाल ही ईरान ने अमेरिका के फाइटर जैट को गिराया था, जिसके बाद से ही पायलट लापता चल रहा था। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की तरफ से भीषण गोलीबारी की वजह से रेस्क्यू करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन अमेरिका ने अपने पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस बारे में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी सर्च ऑपरेशनों में से एक को पूरा किया है। यह ऑपरेशन हमारे एक बहादुर क्रू मेंबर अधिकारी के लिए था। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब वो पूरी तरह सुरक्षित है। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका कभी भी अपने बहादुर सैनिकों को पीछे नहीं छोड़ता है। उनके मुताबिक रेस्क्यू किए गए पायलट को थोड़ी चोटें हैं, लेकिन वो कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया है कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह खत्म कर दिया है, उसकी वायु क्षमता अब समाप्त हो चुकी है, हर तरफ अमेरिका का ही दबदबा है। ऑपरेशन को लेकर भी ट्रंप ने कुछ बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पायलट को रेस्क्यू करने के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने कहा कि एक बार फिर साबित हो चुका है कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना मौजूद है।

पायलट कैसे हुआ लापता?

बता दें कि शुक्रवार को अमेरिकी फाइटर प्लेन को ईरान ने निशाने पर लिया था। उस हमले के बाद एक पायलट तो सुरक्षित बाहर निकल गया, लेकिन दूसरा लापता बताया गया। बाद में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने इस घटना को एक टर्निंग प्वाइंट करार दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन की बात करने वाला अमेरिका अब पायलटों के शिकार तक सिमट गया है।