अगस्त्यमुनि। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सौरागढ़-चोपड़ा-भटगांव मोटरमार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। सड़क पर जगह-जगह उखड़ा डामर, बड़े पत्थर और खतरनाक मोड़ लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है और बरसात से पहले भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मोटरमार्ग के कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के शुरुआती हिस्सों में कई स्थान “डेंजर जोन” बन चुके हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, नालियों और पैराफिट निर्माण के कार्य भी अधूरे पड़े हैं। वहीं पुल निर्माण पूरा होने के बावजूद एप्रोच रोड का कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का डामरीकरण, नाली निर्माण और सुरक्षा संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और संभावित हादसों से बचाव हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

