इनपुट: लक्ष्मण सिंह नेगी
रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ। पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट गुरुवार को विधि-विधान, वेद ऋचाओं और मंत्रोच्चारण के बीच ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के शुभ अवसर पर 1135 श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान मदमहेश्वर के स्वयंभू लिंग पर जलाभिषेक कर विश्व शांति एवं समृद्धि की कामना की।
प्रातः ब्रह्म बेला में गौण्डार गांव से भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली भव्य श्रृंगार और आरती के बाद कैलाश के लिए रवाना हुई। डोली यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा लाल-पीले वस्त्र अर्पित कर मनौतियां मांगीं।
धाम के प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग ने पंचांग पूजन के तहत विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर भगवान मदमहेश्वर सहित तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का आवाहन किया। सुबह 11 बजे धाम के भंडारी मदन सिंह पंवार एवं विशाम्बर पंवार ने शंखध्वनि के साथ डोली को धाम आगमन का निमंत्रण दिया, जिसे श्रद्धालुओं ने शंखध्वनि के साथ स्वीकार किया।
डोली ने मुख्य मंदिर की तीन परिक्रमा करने के साथ सहायक मंदिरों में भी शीश नवाया। इसके बाद ठीक सवा ग्यारह बजे वेद मंत्रों और वैदिक परंपराओं के बीच भगवान मदमहेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।
कपाट खुलने के बाद पंडित श्रीवर्ध जमलोकी ने परंपरानुसार शुद्धिकरण यज्ञ संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता नारायण दत्त जुयाल एवं लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी ने बताया कि देर शाम तक श्रद्धालुओं का धाम में आवागमन जारी रहा।
इस अवसर पर उद्योगपति दिनेश कनौडिया, मंदिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्वाण, पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत, आशुतोष भंडारी, रविंद्र भट्ट, शिवानंद पंवार, प्रधान अनूप पंवार, भगत सिंह पंवार, वीरेंद्र पंवार, काजल कुंवर, संध्या कोहली, कंचन रौथाण, रघुवीर बर्त्वाल सहित देश-विदेश से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु एवं हक-हकूकधारी उपस्थित रहे।

