दवा विक्रेताओं के राष्ट्रव्यापी बंद का रुद्रप्रयाग में व्यापक असर, सभी मेडिकल स्टोर रहे बंद

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रुद्रप्रयाग। आल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में दवा विक्रेताओं का राष्ट्रव्यापी बंद पूरी तरह सफल रहा। रुद्रप्रयाग जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिला।

 

जिलाध्यक्ष दीपांशु भट्ट ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित कार्यप्रणाली, शोषणकारी मूल्य निर्धारण तथा दवा कारोबार से जुड़े नियमों में ढील के विरोध में यह सांकेतिक बंद आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि गौरीकुंड, सोनप्रयाग, फाटा, रामपुर सहित जिले के सभी प्रमुख बाजारों में मेडिकल स्टोर बंद रखे गए।

 

उन्होंने कहा कि बिना फार्मासिस्ट सत्यापन के ई-फार्मेसी के माध्यम से दवाओं की बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही है। फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की उपलब्धता बढ़ने से एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।

 

दवा विक्रेताओं ने बड़े कॉरपोरेट संस्थानों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे केमिस्ट आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। संगठन ने समान अवसर नीति लागू करने की मांग उठाई।

 

इसके अलावा कोविडकाल के दौरान जारी अधिसूचना G.S.R. 220(E) को निरस्त करने की भी मांग की गई। संगठन का कहना है कि यह अधिसूचना औषधि नियम 65 को कमजोर कर रही है।

 

जिलाध्यक्ष दीपांशु भट्ट ने कहा कि यह लड़ाई केवल व्यापार की नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

 

महामंत्री लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने कहा कि केमिस्ट समाज हमेशा जनसेवा में अग्रणी रहा है, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

 

बंद के दौरान एस.एस. कुंवर, सुरेश गोदियाल, अनुसूया भट्ट, हरिहर रावत, हरिऔध बगवाड़ी, मनीष मैखुरी, समशेर मल, दलबीर बर्त्वाल, महिपाल बजवाल, महेश बर्त्वाल, बलबीर लाल, लक्ष्मण रावत, जगदंबा सकलानी सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट मौजूद रहे।