रांची में कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका, बैरिकेडिंग से टला बड़ा विवाद

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रांची। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए धरना-प्रदर्शन के विरोध की गूंज मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची में भी सुनाई दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी और बैरिकेडिंग के चलते किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी।

भाजपा का प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जयपाल सिंह स्टेडियम से जुलूस के रूप में कांग्रेस कार्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए और उन्हें "विदेशी एजेंट" बताते हुए दावा किया कि कांग्रेस देश के विकास को बाधित करने की राजनीति कर रही है। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं का काफिला प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के करीब पहुंचा, पहले से तैनात पुलिस बल ने श्रद्धानंद रोड पर बनाई गई बैरिकेडिंग के पास उन्हें रोक दिया। कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस कार्यालय के भीतर और आसपास मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भी बाहर आ गए। दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने खड़े होकर अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाने लगे। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा नेतृत्व के विरोध में जवाबी नारे लगा रहे थे। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में राजनीतिक गर्माहट चरम पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को अलग रखा और लगातार समझाइश देकर माहौल को शांत करने का प्रयास किया। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की हिंसक घटना नहीं हुई। इस मौके पर भाजपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुआ कांग्रेस का प्रदर्शन लोकतांत्रिक विरोध नहीं बल्कि देश की छवि खराब करने का प्रयास था। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास विरोधी राजनीति कर रही है और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रही है। राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने आए लोग महात्मा गांधी की विचारधारा का विरोध करने वाले हैं और कांग्रेस ऐसे प्रयासों से डरने वाली नहीं है। रांची में भाजपा और कांग्रेस के बीच हुआ यह राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन राज्य की सियासत में बढ़ती तल्खी का संकेत माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और आंदोलनों को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। फिलहाल पुलिस की तत्परता के कारण स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही, लेकिन दोनों दलों के बीच जारी जुबानी जंग ने झारखंड की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है।