Feb 11, 2026

जलई गांव में भालू का आतंक, बुजुर्ग महिला को किया लहूलुहान खेत में काम करते समय किया हमला, ग्रामीणों में भारी रोष,

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प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


रुद्रप्रयाग। विकासखंड अगस्तमुनि के अंतर्गत ग्राम जलई में भालू के हमले ने एक बार फिर पहाड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश की है। जंगल से सटे खेत में काम कर रही बुर्जग महिला पर भालू ने अचानक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बामुश्किल महिला को भालू के चंगुल से छुड़ाया। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्तमुनि लाया गया। जहा  प्राथमिक उपचार के बाद उन्हे जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग रेंफर किया गया।
उपचार कर रहीं डॉ. ज्योति शाह ने बताया कि महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन शरीर पर गहरे घाव और खून का थक्का जमने के कारण बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई। रेंजर एचएस रावत ने बताया कि क्षेत्र में दहशत को देखते हुए 6 सदस्यीय टीम तैनात की गई है। फॉरेस्टर गौरव भट्ट और फॉरेस्ट गार्ड ऋषिराज की देखरेख में प्रभावित इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
वहीं, इस घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। उत्तराखंड क्रांति दल के जिला अध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासन की विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि आए दिन हो रहे हमलों के बावजूद प्रशासन और विभाग कोई ठोस ठोस कदम नहीं उठा रहा हैं, जिससे ग्रामीण अपनी ही जमीन पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। घटना के बाद से जलई और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।