सरकारी संपत्ति निजी हाथों में देने के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन,

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दुग्गल बिट्टा निरीक्षण भवन पर बांधा रक्षा सूत्र, फाटा और गुप्तकाशी के भवनों को लेकर भी जताया विरोध,

रुद्रप्रयाग। अंग्रेजों के बसाए दुग्गल बिट्टा-चोपता से कांग्रेस ने शुक्रवार को सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। तुंगनाथ घाटी के स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुग्गल बिट्टा स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पर रक्षा सूत्र बांधा और सरकारी संपत्ति की रक्षा का संकल्प लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी भूमि और भवनों को बाहरी समूहों को दीर्घ अवधि की लीज पर देने की किसी भी प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सरकार रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित तीन निरीक्षण भवनों को बड़े बाहरी समूहों को पांच सितारा होटल निर्माण के लिए 90 वर्ष तक की लीज पर देने की प्रक्रिया में है। कांग्रेस ने इसी प्रस्ताव के विरोध में दुग्गल बिट्टा से आंदोलन की शुरुआत की है।

कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने कहा कि निरीक्षण भवन और उनसे जुड़ी सरकारी भूमि राज्य की सार्वजनिक संपत्ति है। पर्यटन विकास के नाम पर बहुमूल्य सरकारी जमीन को लंबी अवधि की लीज पर निजी समूहों को सौंपने के बजाय स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ में स्थानीय युवाओं और निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने के खिलाफ जनभावनाओं को एकजुट किया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखते हुए लीज प्रक्रिया पर पुनर्विचार करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को जिलेभर में विस्तार दिया जाएगा।

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, अंकुर रौथान, हरीश गुसाईं सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।