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विजयदशमी पर घोषित होंगी तीनों केदारों के कपाट बंद होने की तिथियां

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केदारनाथ, मदमहेश्वर और तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोलियों के शीतकालीन गद्दीस्थलों में आगमन का कार्यक्रम भी होगा तय,

 

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। पंचकेदार के प्रमुख धामों में शामिल भगवान केदारनाथ, द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथियां विजयदशमी पर्व पर घोषित की जाएंगी। इसके साथ ही तीनों धामों की चल विग्रह उत्सव डोलियों के शीतकालीन गद्दीस्थलों में आगमन का कार्यक्रम भी निर्धारित किया जाएगा। कपाट बंद होने की तिथियों को लेकर श्रद्धालुओं की निगाहें अब विजयदशमी पर होने वाली धार्मिक घोषणा पर टिकी हैं।

परंपरा के अनुसार, विजयदशमी के पावन अवसर पर पंचांग गणना के आधार पर तीनों धामों के कपाट बंद होने की तिथियां निर्धारित की जाती हैं। इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार कपाट बंद करने और चल विग्रह उत्सव डोलियों को शीतकालीन गद्दीस्थलों तक पहुंचाने की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न होगी।

बाबा केदारनाथ के कपाट बंद होने की तिथि पर रहेगी नजर

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। हिमालय की दुर्गम पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित इस धाम के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा विजयदशमी पर की जाएगी। इसके साथ ही बाबा केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचने का कार्यक्रम भी तय होगा। शीतकाल में यहीं भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना की परंपरा का निर्वहन किया जाता है।

द्वितीय केदार मदमहेश्वर की तिथि भी होगी घोषित

मदमहेश्वर घाटी में स्थित द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। विजयदशमी पर पंचांग गणना के अनुसार धाम के कपाट बंद होने की तिथि निर्धारित की जाएगी। कपाट बंद होने के बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ आगमन का कार्यक्रम भी घोषित होगा। कपाट बंद होने से संबंधित सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन विधि-विधान से किया जाएगा।

तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि पर भी लगेगी मुहर

विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिरों में शामिल तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि भी विजयदशमी पर घोषित की जाएगी। इसके साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित होगा। तिथि घोषित होने के बाद कपाट बंद करने से जुड़ी धार्मिक गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न की जाएंगी।

अलग-अलग गद्दीस्थलों पर होगी घोषणा

तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि भगवान केदारनाथ और द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट बंद होने की तिथियों की घोषणा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पंचांग गणना के अनुसार की जाएगी। वहीं, तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में होगी।

विजयदशमी पर होने वाली इस घोषणा के साथ ही तीनों केदारों की शीतकालीन पूजा व्यवस्था और चल विग्रह उत्सव डोलियों के आगमन से जुड़ा कार्यक्रम भी स्पष्ट हो जाएगा। इससे आगामी शीतकालीन धार्मिक परंपराओं के निर्वहन की तैयारियों को गति मिलेगी।