पर्यटक गांव सारी में सजेगी आस्था और लोकसंस्कृति की महफिल, जीतू बगडवाल नृत्य रहेगा मुख्य आकर्षण,
मक्कूमठ से शुरू होगा भगवती नन्दा का गांवों में भ्रमण, 25 अक्टूबर को होगी विदाई,
रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती नन्दा आगामी दिनों में तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेंगी। भगवती नन्दा के आगमन को लेकर काण्डा, हूण्डू, उषाड़ा, दैड़ा और पर्यटक गांव सारी में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने देवी के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस धार्मिक यात्रा के दौरान पारंपरिक जीतू बगडवाल नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
भगवती नन्दा के गांव-गांव आगमन को क्षेत्रवासी अपनी धार्मिक आस्था, समृद्ध लोकसंस्कृति और पौराणिक विरासत से जोड़कर देखते हैं। देवी के स्वागत में ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करेंगे तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करेंगे। इस आयोजन से घाटी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोकसंस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटक गांव सारी में 23 और 24 अक्टूबर को धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूर्व सूचना अधिकारी गजपाल भट्ट ने बताया कि भगवती नन्दा 23 अक्टूबर को सारी गांव पहुंचेगी। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दोनों दिन भजन संध्या के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। 24 अक्टूबर को दोपहर में आयोजित होने वाला जीतू बगडवाल नृत्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।
उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को भगवती नन्दा की भावुक क्षणों के बीच विदाई होगी। इसके बाद देवी अपने पूजा स्थल मक्कूमठ पहुंचकर जगत कल्याण के लिए ध्यानमग्न होंगी।
ग्राम प्रधान उषाड़ा प्रतिपाल बगवाड़ी ने बताया कि भगवती नन्दा की यात्रा तुंगनाथ घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, लोकमान्यताओं और पौराणिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। देवी के आगमन को लेकर गांवों में तैयारियां तेज हो गई हैं और श्रद्धालु इस पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार क
र रहे हैं।

